2 thoughts on “यादें | Hindi short poetry | Hindi poetry on life | Hindi poetry |

  1. वो बचपन,वो रोना,वो मीठी सी झगडे की यादें ।
    वो बचपन मे अकेले बेठ जाना रूठ के सभी से।
    जाओ मे ने की कुट्टी आप तो मेरी कुछ बात मानते ही नही।
    छोटा हू सभी से क्या ये आप जानते ही नही।
    स्कूल जाते रास्ते पे वो बुढ़ी काकी से बेर की पोटली बनवाना।
    फिर दिखा दिखा के सब के सामने वाह वाह मीठे बेर बताना।
    बहन से झगड़ा,रूठना फिर मनाना,पापा से डांट खाके मम्मी को बताना,फिर अपनी ही बातो को सही बताना ।
    थी कितनी मीठी प्यारी सी ये यादे,कोई लौटा दे मेरे बचपन की यादे।

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