समय की कीमत I HIndi poem recitation competition (Importance of time) I Kids Lounge


समय पर उगता सूरज प्रतिदिन,
समय पर दिखता चंदा है। समय पर चमकें तारे नभ में,
समय प्रकृति का पहिया है। समय ना डरता तेज़ धूप से,
ना तूफ़ानों से डरता है I समय ना डरता बन्दूक़ों से,
समय अविरल चलता है। आगे बढ़ो, बढ़ते रहो,
यही समय सिखलाता है। जो करे दुरुपयोग समय का,
वह पीछे पछताता है। जो करे प्रयास निरन्तर,
प्रगति पथ पर बढ़ता है। समय सचेत करता है सब को,
रुक जाना भारी पड़ता है। जो समय निकल चुका है,
फिर मुड़कर नहीं आएगा। जो ना समझे समय की क़ीमत,
पछताता वह रह जाएगा।

16 thoughts on “समय की कीमत I HIndi poem recitation competition (Importance of time) I Kids Lounge

  1. one of the best poem written by the best nd the most respected principal sir. well done Akshita

  2. Wow, nice, wonderful, great
    😀👍👌👏😘👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘😘

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