Hindi poem recitation competition, Inspirational poem, ‘Koshish karne walon ki kabhi haar nahi hoti’


सुप्रभात, मेरा नाम अक्षिता है। आज मैं आपके समक्ष एक कविता पेश करने जा रही हूँ, जिसका शीर्षक है, “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” इसके रचयिता श्री हरिवंश राए बच्चन हैं लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती नन्ही चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है मन का विश्वास रगों में साहस भरता है
गिर कर चढ़ना, चढ़ कर गिरना, ना अखरता है पर उसकी मेहनत कभी बेकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती डुबकियाँ सिंधु में गोतख़ोर लगाता है
जा जा कर ख़ाली हाथ लौट कर आता है मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में मुट्ठी उसकी ख़ाली हर बार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती और अन्तिम पद्य है असफलता एक चुनौती है, उसे स्वीकार करो
क्या कमी रह गयी, देखो और सुधार कर जब तक ना सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम कुछ किए बिना ही जय जयकार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती धन्यवाद, आपका दिन शुभ रहे।

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