meri akhiri icchha | ft. micky (Mukesh)| Hindi Soulful Poem| The Unknown Creator Poems


title – मेरी आखिरी इच्छा मेरी एक ही इच्छा या मैं काम करते करते मरू
या तुम्हे प्यार करते करते तुम्हारी गोद में मेरा सर हो
और तुम्हें मेरी मौत की न खबर हो तुम ऐसे ही बालों से खेलना मेरे
और मेरी बंद आँखों के उपर माथे को चूमना फिर मेरे सीने की और बढ़ते हाथो को थाम कर
मुझे जिस नाम से बुलाती हो वोह नाम से बोलना जब मैं जवाबी प्रक्रिया ना दूँ तब वैसे ही ओह्हो कहकर अपने माथे को खुजलाना और फिर जो हाथ रोका था सीने की और बढ़ते
वह हाथ सीने पर रख कर कहना उठ जाओ ! उठ जाओ, वरना दिल निकाल लुंगी तुम मुझसे इतना प्यार करना की कुछ
धड़कता हुआ महसूस न हुआ तो समझना मेरी हसरतों का समुद्र था
आज अपने किनारे को मिल गया हैं जनता हूँ तब तुम बेचैन होंगी घबरा रही होंगी के सब ठीक है अपने दिल को समझा रही होंगी उठ जाओ ना, प्लीज उठ जाओ ना यह जोर जोर से चिल्ला रही होंगी तुम्हारी आँखे मदद को तलाश रही होंगी
और मेरी ज़िन्दगी कीभगवान से भीख मांग रही होंगी मैं जानता हूँ मैं जानता हूँ की न इंसाफ़ी कर गया हूँ
जुर्म ए ऐतबार मैं बिन माफ़ी कर गया हूँ तुम्हारे बहते आंसुओ का काफिला होगा तब
तुम्हें तन्हा करने का सिलसिला भी होगा जब जानता हूँ बिना कसूर तुझे सजा मिलेगी
और ता उम्र मुझे कोशने की वजह मिलेगी जानता हूँ बिना कसूर तुझे सजा मिलेगी
और ता उम्र मुझे कोशने की वजह मिलेगी मेरी बीमारी का काफ़िला
अपने अंजाम से पहले सिमट गया हैं जिसने साथ निभाने का वादा किया था
वोह आज अपना हाथ छुड़ाए पलट गया हैं तू सोचियों तू सोचियों की मैं कितना ख़ुशक़िस्मत हूँ
और तू कितनी बदक़िस्मत हैं की यह काश काश यह जीने की सजा मुझे मिली होती
और मेरी जगह तेरी सांसे थमी होती तेरे ज़नाजे को मैं कन्धा देता
के तू अब फिर उठेगी इस बात को भुला देता मातमो में कुछ इस तरह
मैं डूबा होता की बस तू लोट आये
यह मेरा एक आखिरी मंसूबा होता पर तू घबराना नहीं मेरे गम मैं अपनी ज़िन्दगी को गवाना नहीं क्युकी हां दिल मर गया हैं हां, यह शरीर ज़ल गया है पर साँसे साँसे तुझमे अब भी ज़िंदा है तेरी यह धड़कन अब भी
मेरे नाम लिए धड़कती हैं नब्ज़ों की बिजलियाँ
मेरा अंदाज़ लिए कड़कती हैं बस तू मेरा गम ना करना
और मेरी वजह से अपनी आँखे नम ना करना

17 thoughts on “meri akhiri icchha | ft. micky (Mukesh)| Hindi Soulful Poem| The Unknown Creator Poems

  1. वाह क्या खूब लिखा है❤️
    काबिले तारीफ❤️🙏
    Keep it up brother☺️

  2. Bahaut khoob Micky bhaiya👏👏👏 will wait for your upcoming poetries.

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