Yun na chehre se julfe hataya karo || Sad poem on love in hindi || Lal Bahadur Yadav


यूं ना चेहरे से जुल्फें हटा या करो। यूं ना चेहरे से जुल्फें हटा या करो। सुने दिल में न हलचल मचाया करो।। यूं ना चेहरे से जुल्फें हटा या करो। सुने दिल में न हलचल मचाया करो।। मधुमास की सी पवन बहकी-बहकी।
गुजरती चली तुम, यूं ही महकी महकी।। ना हवाओं में आंचल उड़ाया करो।। सूने दिल … नजरों में मदिरा की मस्ती छलकती।
अधरों पर कलियों की नरमी झलकती।। मन भ्रमर को न तुम यूँ लुभाया करो।। सूने दिल … कजरारे नैना, चमक दामिनी सी।
लगे तेरी मूरत कनक कामिनी सी।। हंस हंस के बल यूँ न खाया करो।। सूने दिल … निगाहों निगाहों में ,यूँ कुछ ना बोलो।
जरा पास आओ जुबाँ अपनी खोलो।। दूर जाकर न यूँ मुस्कुराया करो।। सूने दिल … जादू सी करती, तेरी सब अदाएं ।
दिल की कसक हाय, किसको सुनाएं।। अकेले में ना याद आया करो ।। सुने दिल … यूं ना चेहरे से जुल्फें हटा या करो। सुने दिल में न हलचल मचाया करो ।।

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